लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सदन में योगी आदित्यनाथ गुणवत्ता शिक्षा और बेरोजगारी पर की बात लेकिन सदन तक ही सीमित क्यों ?

लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सदन में योगी आदित्यनाथ गुणवत्ता शिक्षा और बेरोजगारी पर की बात लेकिन सदन तक ही सीमित क्यों ?

लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर सदन में योगी आदित्यनाथ गुणवत्ता शिक्षा और बेरोजगारी पर की बात लेकिन सदन तक ही सीमित क्यों ? या फिर पक्ष विपक्ष पर आरोप लगाने के लिए ही है बस आज भी गुणवत्ता शिक्षा और बेरोजगारी का सहारा लेकर अपनी और पार्टी की वाहवाही ही देखने के लिए मिली

एक तरफ उत्तर प्रदेश के अंदर 69000 शिक्षक भर्ती 10 महीने हो गये है अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है जिस पर योगी जी ने कहाँ की फ़रबरी में जोइनिंग देने का वादा किया था आज ऑक्टूबर आ गया है

दूसरी तरफ एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती को 15 महीने होने को है फिर कोई रिजल्ट नहीं आया और

ऐसा ही टीजीटी पीजीटी 2016 शिक्षक भर्ती इनके परिणाम को लेकर बेरोजगार छात्र सड़कों पर आय दिन आते रहते हैं लेकिन सिर्फ सदन के अंदर तक ही गुणवत्ता शिक्षा और रोजगार की बात की जाती है आज भी ऐसा ही देखने के लिए मिला सही मायनों में तो सदन के अंदर तक ही यह चीजें सीमित है बाहर असलियत में लाखों छात्र इस चीज को लेकर परेशान हैं

लेकिन इन मुद्दों को लेकर कभी गंभीर बात नहीं की जाती है| ना सदन के अंदर और ना ही सदन के बहार | सरकार अगर महीने के 30 दिन में से एक दिन रोजगार पर बात करे और उस पर अमल करे तो काफी कुछ हो सकता |

धन्यवाद

Note- इस लेख में दिए गए विचार लेखक के है | लेखक युवाओ और समाज का शुभचिंतक है |

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